खाद्यान्न को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं : थॉमस
थॉमस से आईएएनएस से कहा, "इस समय खतरे वाली कोई स्थिति नहीं है।"
एक दिन पहले कृषि मंत्रालय ने वर्ष 2009-10 के लिए जारी अग्रिम अनुमान में कुल खाद्यान्न उत्पादन में सात फीसदी की गिरावट की संभावना जताई थी। वर्ष 2008-09 में कुल 23.44 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन के मुकाबले वर्ष 2009-10 में करीब 21.81 करोड़ टन खाद्यान्न के उत्पादन की उम्मीद है।
कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि उत्पादन में गिरावट की मुख्य वजह कमजोर एवं अनियमित मानसून है। इसके अलावा खरीफ के मौसम में सूखा पड़ने की वजह से उत्पादन पर असर पड़ा है।
मंत्रालय में एक आधिकारिक सूत्र का कहना है, "खरीफ के मौसम में हुए नुकसान की भरपाई नए मौसम ंमें अच्छी पैदावार से निश्चित रूप से हो जाएगी।"
देश में गेहूं के उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पिछले साल के 8.068 करोड़ टन गेहूं के उत्पादन के मुकाबले इस साल करीब 8.098 करोड़ टन उत्पादन की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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