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कश्मीर बंद : पुलिस-जनता के संघर्ष में 13 घायल

By Jaya Nigam
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Jammu Kashmir Map
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में न्यायपालिका की बिगड़ती स्थिति को लेकर आहूत की गयी हड़ताल से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। श्रीनगर में सभी शैक्षणिक और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति भी काफी कम दर्ज की गई। सड़कों पर वाहन नदारद रहे। घाटी के अन्य शहरों में भी हड़ताल का असर देखा गया।

कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान स्थानीय बार एसोसिएशन ने किया था। बार एसोसिएशन ने 'न्यायपालिका के पतन, राजनीतिक कैदियों के साथ दुर्व्यवहार और राज्य की पहचान बदलने के आरोप' लगाते हुए बंद का आह्वान किया है। हुर्रियत के उदारवादी और कट्टरपंथी धड़े ने हड़ताल का समर्थन किया था।
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बंद के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रशासन ने पुराने शहर के विभिन्न इलाकों में पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रशासन ने पुराने शहर के खानयार, रैनावारी, एस.आर.गंज, नौहट्टा और साफा कदल इलाकों में धारा 144 लगा दिया था।

सोमवार को पुलिस और जनता के बीच घाटी में कई जगहों पर हिंसक टकराव हुए। पुलिस पर कई जगह कश्मीरी युवाओं द्वारा पत्थरबाजी की गयी जिसे रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इन हिंसक घटनाओं में पुलिसकर्मियों सहित 13 लोग घायल हो गए। घायलों में 7 पुलि सकर्मी बताये जा रहे हैं। गंभीर रूप से घायल एक पुलिसकर्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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