न्यायपालिका में भ्रष्टाचार न के बराबर : बालाकृष्णन

मंगलवार को पद से सेवानिवृत्त हो रहे बालाकृष्णन ने निजी टीवी न्यूज चैनल सीएनएन-आईबीएन के साथ बातचीत में एक प्रश्न के जवाब में कहा, "कोई भी राजनीतिज्ञ किसी न्यायाधीश से मिलने नहीं आता, क्योंकि यदि न्यायाधीश ने उसे बेनकाब कर दिया तो वह संकट में पड़ जाएगा।" बालाकृष्णन से पूछा गया था कि क्या कोई राजनीतिज्ञ या सरकारी अधिकारी किसी फैसले को प्रभावित करने के लिए न्यायाधीशों से संपर्क करने की कोशिश करता है।
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जब बालाकृष्णन से हाल में सामने आए न्यायिक कदाचार के कई मामलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "किसी भी तरह का भ्रष्टाचार किसी भी प्रधान न्यायाधीश को चिंतित करेगा, लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों और देश में न्यायाधीशों की संख्या पर गौर किया जाए तो भ्रष्टाचार की स्थिति नगण्य साबित होती है।"
बालाकृष्णन ने यह भी कहा कि कर्नाटक के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिनाकरन के खिलाफ लगाए गए आरोपों के साथ निपटने के दौरान उन्हें संदेह की नजरों से देखा गया था। दिनाकरन पर न्यायिक कदाचार और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप है।
बालाकृष्णन ने इस सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया कि क्या दिनाकरन का स्थानांतरण सिक्किम उच्च न्यायालय में कर दिया गया है? उन्होंने कहा, "आमतौर पर हम इन सब बातों का खुलासा नहीं करते, लेकिन कुछ संदेह मेरे ऊपर भी किए गए हैं। मुझे इससे दुख हुआ है। हमने व्यवस्थित तरीके से काम किया, सभी नियमों का पालन किया और इसलिए मुझे उस समय दुख हुआ, जब किसी ने इस मामले में मुझे जिम्मेदार ठहराया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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