यूरोपीय संघ 'स्थिरता कोष' पर चर्चा करेगा

यूरो मुद्रा वाले देशों को 90 अरब डॉलर की ऋण गारंटी उपलब्ध होगी. जिन देशों के समक्ष भविष्य में कर्ज की अदायगी को लेकर समस्या आएगी, उन्हें इससे आर्थिक मदद दी जाएगी. यूरोपीय नेताओं का कहना है कि ग्रीस को पहले ही आर्थिक पैकेज को लेकर सहमति हो गई है लेकिन कर्ज में डूबे कुछ अन्य देशों को सोमवार को मुद्रा बाज़ार के खुलने से पहले मदद की ज़रूरत पड़ सकती है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ सदस्य देशों ने इतने व्यापक स्तर पर मदद का विरोध किया है. इसमें यूरोपीय संघ का यूरो मुद्रा स्वीकार न करने वाला देश ब्रिटेन भी शामिल है.
कर्ज़ को मंजूरी
ग़ौरतलब है कि इसके पहले यूरो मुद्रा का इस्तेमाल करने वाले यूरोपीय यूनियन के 16 देशों के नेताओं ने ग्रीस के लिए अभूतपूर्व 145 अरब डॉलर के कर्ज़ को मंज़ूरी दे दी थी. ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि ग्रीस का आर्थिक संकट और न फैले.
आर्थिक संकट से गुज़र रहे ग्रीस में पिछले हफ़्ते बुधवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे और एक बैंक को आग लगा दी गई थी जिसके कारण तीन कर्मचारियों की मौत हो गई. ग्रीस को 145 अरब डॉलर का कर्ज़ तीन साल के लिए दिया गया है जिसके बदले में उसे अपने सरकारी ख़र्च में कमी लानी होगी.
महत्वूपर्ण है कि हाल में यूरो की कीमत गिर गई है क्योंकि चिंता जताई जा रही है कि स्पेन और पुर्तगाल जैसे देश भी इस आर्थिक समस्या की चपेट में आ सकते हैं. इसीलिए यूरो ज़ोन के देशों के नेताओं ने तय किया कि उनके राष्ट्रीय बजट के बारे में नियम सख़्ती से लागू किए जाएँ. नए नियमों को स्टेबिलिटी पेक्ट यानी स्थिरता संधि कहा गया है और इसके तहत राष्ट्रीय घाटे और बजट घाटे की सीमा तय की गई है.












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