विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि की उम्मीद
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के एक सर्वेक्षण में कहा गया कि विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण हिस्सेदार रसायन और उससे जुड़े उत्पादों की वृद्धि दर गिरने की संभावना है।
सर्वेक्षण के अनुसार करीब 74 प्रतिशत प्रतिभागियों ने अप्रैल-जून 2009 की तुलना में अप्रैल-जून 2010 की तिमाही में उत्पादन स्तर में वृद्धि की उम्मीद जताई। बहरहाल जनवरी-मार्च 2010 की तुलना में अप्रैल-जून 2010 में उत्पादन वृद्धि धीमी रहने की संभावना है।
जिन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी उनमें वाहन, तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तुएं (एफएमसीजी), इलेक्ट्रॉनिक्स और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, धातु और धातु उत्पाद,ढलाई, वस्त्र, मशीनरी और जहाज निर्माण शामिल हैं।
अधिकांश कंपनियों में घरेलू और निर्यात मांग में वृद्धि के कारण इस तिमाही में आर्डर बढ़ने की संभावना है। रसायन, सीमेंट और मशीन उपकरण जैसे कुछ क्षेत्रों में अपर्याप्त मांग की संभावना है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि सीमेंट, वस्त्र उद्योग, चमड़ा, धातु और टायर जैसे क्षेत्रों में कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि, पर्याप्त बिजली के अभाव, मौजूदा श्रम कानूनों, आर्थिक पर्यावरण में अस्थिरता और अपर्याप्त निर्यात मांग तेज वृद्धि के रास्ते की बड़ी बाधाएं हैं। सर्वेक्षण में 468 कंपनियों को शमिल किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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