26/11 आतंकी अजमल कसाब को फांसी की सजा

जस्टिस एमएल तिहिलयानी की अध्यक्षता में अर्थर रोड जेल में लगाई गई विशेष अदालत में कसाब पर मुकदमा चल रहा था। अदालत में पिछली सुनवाई 3 मई को हुई थी, जिसमें कसाब को दोषी करार दिया गया था। साथ ही इस हमले के दो अन्य आरोपियों फहीम अंसारी और सबाहउद्दीन को बरी कर दिया गया था।
पीडि़तों के घाव भरने में हम सफल हुए: निकम
सजा दिए जाने के तुरंत बाद कोर्ट से बाहर निकल कर सरकारी वकील उज्जवल निकम ने बताया कि भारत पर हमला करके जो यहां तबाही मचाने की साजिश रची गई थी, उसके मुताबिक कोर्ट ने उसे फांसी की सजा ऐलान की है। कोर्ट ने 166 लोगों की हत्या करने के लिए यह सजा दी है। वो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने में दोषी पाया गया।
उन्होंने आगे कहा कि आज इस फैसले से मैं खुश हूं, क्योंकि पीडि़तों के घाव भरने की मेरी कोशिश सफल हुई है। पीडि़तों के परिवारों को न्याय दिलाने का काम जो हमारी पुलिस व कोर्ट ने किया है।
मुंबई बम विस्फोट के 100 आरोपियों को सजा होने के बाद खुंखार आरोपी अबू सलेम का केस यही चलाया गया और उसके बाद कसाब का पूरा हिसाब हो गया। ये केस हमारे लिए एक चुनौत्ी थी। क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े हमारे लोकतांत्रिक देश में हमने गरिमा मय ढंग से ये मुकदमा चलाया और आज दुनिया के सामने यह मिसाल कायाम की है।












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