26/11 हमलों के दोषी कसाब को फांसी की सजा (लीड-1)
विशेष अदालत के न्यायाधीश एम. एल. ताहिलयानी ने यह फैसला सुनाया। इस फैसले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष के विशेष वकील उज्जवल निकम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कसाब को चार मामलों में दोषी पाए जाने के लिए फांसी की सजा सुनाई गई है। इसमें देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला भी शामिल है। पांच अन्य मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
निकम ने कहा कि अदालत के फैसले से वह खुश हैं। उन्होंने कहा, "फैसले से मैं खुश हूं क्योंकि पीड़ितों के घाव भरने की मेरी कोशिश सफल हुई। पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछने का काम हमारे पुलिसकर्मियों व अन्य एजेंसियों ने किया है।"
उल्लेखनीय है कि कसाब की सजा को लेकर गत मंगलवार को अदालत में जिरह हुई थी, जिसमें निकम ने कसाब को 'शैतान' और 'हत्या की मशीन' करार देते हुए कहा था कि वह मृत्युदंड का पात्र है।
निकम ने कहा था, "मैं कसाब के लिए सजा-ए-मौत चाहूंगा। यह बदले की भावना नहीं है और न ही हम बर्बर न्याय चाहते हैं.. बल्कि न्याय मिलना चाहिए।"
इससे पहले, कसाब को गत सोमवार को आर्थर रोड जेल में बनी विशेष अदालत में दोषी ठहराया गया था जबकि दो अन्य आरोपियों फहीम और सबाउद्दीन को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 की रात पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने मुंबई के विभिन्न स्थानों पर हमला बोला था। लगभग 60 घंटे तक इन आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच चले संघर्ष में 166 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 244 घायल हो गए थे।
इन 10 आतंकवादियों में से नौ को मार गिराया गया था जबकि कसाब को जिंदा पकड़ने में सुरक्षाबलों को सफलता मिली थी। इन आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्थित वर्ल्ड हैरिटेज बिल्डिंग, ताजमहल पैलेस, टॉवर होटल, होटल ओबेरॉय ट्राइडेंट, कामा हॉस्पिटल और नरीमन हाउस को निशाना बनाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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