जाति आधारित जनगणना के पक्ष में पासवान
पासवान ने यहां संवाददाताओं से कहा, "इस मुद्दे की अनदेखी नहीं की जा सकती क्योंकि जाति भारतीय व्यवस्था की वास्तविकता है। यहां तक कि राजनीतिक दल जाति के आधार पर टिकटों का वितरण करते हैं।"
भारत में 1931 में पिछली बार जाति के आधार पर हुई जनगणना का उल्लेख करते हुए पासवान ने कहा कि विभिन्न पिछड़ों और दलित जाति से संबंध रखने वालों का आंकड़ा उपलब्ध होने की स्थिति में सरकार को उनके लिए विभिन्न सामाजिक-आर्थिक योजनाओं को ठीक तरह से शुरू करने में मदद मिलेगी।
बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) और लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल भी जाति आधारित जनगणना के पक्ष में है।
पासवान ने कहा, "बिहार में महादलितों के नाम पर दलितों को बांटने की कोशिश की जा रही है। इसलिए अलग-अलग जाति समूहों की सटीक जनसंख्या पता लगाने की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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