अंतर पाटने के लिए बिजली का कुशल प्रबंधन जरूरी : शिंदे
औद्योगिक संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से बिजली बचाने के उपायों पर चर्चा के लिए आयोजित एक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शिंदे ने कहा कि इस समय देश में ऊर्जा की बचत के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रचार अभियान शुरू किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था की बाजार आधारित ऊर्जा कुशलता को बढ़ाने के लिए व्यापक कानूनी, विनियामक और नीतिगत रूपरेखा सामने रखी है।
मंत्री ने उपस्थित लोगों को बताया कि जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) के सीडीएम बोर्ड ने दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा बचत परियोजना 'बचत लैंप योजना' को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 40 करोड़ आम बल्बों के बदले सीएफएल बल्ब लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को एक बल्ब 15 रुपये में उपलब्ध होगा।
सीएफएल बल्ब लगाए जाने से देश में 6,000 मेगावॉट बिजली की बचत होगी।
केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री भरतसिंह सोलंकी ने कहा कि ऊर्जा के कुशल उपयोग की व्यापक संभावनाएं हैं और इससे बिजली की मांग और आपूर्ति के अंतर को समाप्त किया जा सकता है। इस प्रयास में योगदान देना सभी की जिम्मेदारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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