शहजाद ने जुर्म कबूला, पाक में लिया प्रशिक्षण (लीड-1)
वाशिंगटन, 5 मई (आईएएनएस)। न्यूयार्क में विफल आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक फैसल शहजाद ने अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए कहा है कि उसे बम बनाने का प्रशिक्षण पाकिस्तान में दिया गया था। उसने जांच अधिकारियों को यह भी बताया कि वह अक्सर पाकिस्तान जाया करता था।
उल्लेखनीय है कि न्यूयार्क के मशहूर टाइम्स स्क्वे यर के पास खड़ी एक कार 'निशान पाथफाइंडर' से शनिवार रात बम बरामद किया गया था। यह कार शहजाद की थी और इसके जरिए उसकी भूमिका का पता चला।
अमेरिकी एटार्नी जनरल एरिक होल्डर ने मंगलवार को बताया कि न्याय विभाग शहजाद को अन्य मामलों के अलावा 'आतंकवाद की वारदात' का अभियुक्त बनाएगा। उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट है कि यह एक आतंकवादी साजिश थी। इससे न्यूयार्क शहर में भारी तबाही मच सकती थी।"
संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के उप निदेशक जॉन पिस्टल का कहना है कि शहजाद का नाम 'नो फ्लाई' सूची में शामिल था और इसी से उसे न्यूयार्क के जॉन एफ. कैनेडी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ने में मदद मिली।
एफबीआई की ओर से दायर दस्तावेजों में कहा गया है कि पााकिस्तान जाने की कोशिश में पकड़े गए 30 वर्षीय शहजाद के पास इस घटना वाले दिन से ठीक पहले तक पाकिस्तान से कई फोन आए। घटना के दिन ही पांच फोन उसके पास आए।
स्थानीय समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' के अनुसार एक अधिकारी का कहना है कि शहजाद पाकिस्तान आने-जाने के लिए तीन पासपोर्ट्स का सहारा लेता था। उसके पास दो पाकिस्तानी और एक अमेरिकी पासपोर्ट था।
शहजाद को सोमवार शाम स्थानीय समयानुसार रात 11.45 बजे गिरफ्तार किया गया था। उसे मंगलवार को दो बजे मैनहटन की अदालत में पेश किया गया। अगर उसे दोषी करार दिया जाता है तो उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है।
एफबीआई के दस्तावेजों के अनुसार इस पाकिस्तानी मूल के संदिग्ध आतंकवादी के खिलाफ पांच मामले हैं। इनमें जनसंहारक हथियार के इस्तेमाल की कोशिश करना, आपराधिक हिंसा के लिए भयावह उपकरण का इस्तेमाल करना, विस्फोटक हासिल करना, और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व तबाह करना शामिल हैं।
अदालती दस्तावेजों में साफ कहा गया है कि शहजाद ने विस्फोट की कोशिश करने की बात स्वीकार की है। उसके इस साजिश में शामिल होने का भी जिक्र किया गया है।
शहजाद ने 17 अप्रैल, 2009 को अमेरिका की नागरिकता ली थी। उसने पाकिस्तान के वजीरिस्तान से आतंक का प्रशिक्षण लिया और इसी साल तीन फरवरी को अमेरिका लौट आया। इसके बारे में उसने आव्रजन अधिकारियों से झूठ कहा था कि वह अपने माता-पिता के यहां पांच महीनों के लिए गया था। उसने यह भी कहा था कि उसकी पत्नी पाकिस्तान में रह गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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