किसान का बेटा हूं : शिवराज
विदिशा मे कई बार ऐसे नजारे देखने को मिले जब चौहान ने ग्रामीणों के करीब जाने के लिए उनके ही अंदाज में अपनी बात कही। चौहान जब नटेरन गांव में तय समय से कुछ देर से पहुंचे तो उन्होंने कहा कि 'भूख लग आई का'। उसके बाद शिवराज ने खुद को किसान का बेटा बताकर किसान के हित में काम करने का संकल्प दोहराया।
चौहान ने कहा कि वह किसान के बेटे हैं लिहाजा मौसम का उन पर कोई असर नहीं होता। वह जब यात्रा पर निकलते हैं तो उन्हें गर्मी का अहसास ही नहीं होता। उन्हें तो अखबार व टेलीविजन देखने से पता चलता है कि पारा 40 को पार कर गया है। "किसान का बेटा हूं इसलिए डिग्री-सेल्सियस नहीं जानता, ये तो शहर वाले जाने।"
चौहान ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके लिए प्रदेश, किसान और गरीब का विकास सबसे बड़ा लक्ष्य है तथा वह इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने किसानों को गेहूं के समर्थन मूल्य पर 100 रुपये का बोनस दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार गेहूं की भरपूर पैदावार हुई है, इससे लगता है कि गेहूं रखने की जगह कम पड़ जाएगी। इसके बावजूद किसान चिंतित न हो उन्हें बोनस देने में कोई कठिनाई नहीं आएगी।
सरपंच और पंचों से चौहान ने सभी को साक्षर बनने की दिशा मे पहल करने का आह्वन किया। उन्होंने कहा कि वही प्रदेश आगे बढ सकता है जिसके लोग साक्षर होंगे। इसलिए हर बच्चे को स्कूल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने शराब बंदी का जिक्र करते हुए कहा कि सारी कुरीतियों पर रोक सिर्फ कानून के जरिए नहीं लगाई जा सकती। इसमे जनता की भागीदारी जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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