2जी स्पेक्ट्रम विवाद : दोनों सदनों में जोरदार हंगामा (लीड-3)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्यों ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा के इस्तीफे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मसले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने जाति के आधार पर जनगणना कराने की मांग को लेकर हंगामा किया।
इन विषयों पर हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिन में दूसरी बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई जबकि राज्यसभा की कार्यवाही दो घंटों में चार बार स्थगित हुई।
प्रश्नकाल आरंभ होते ही 10वीं लोकसभा के सदस्य ए. जयमोहन के निधन पर सदन में शोक जताए जाने के बाद जैसे ही लोकसभाध्यक्ष मीरा कुमार ने प्रश्न पूछने के लिए दीपा दासमुंशी का नाम पुकारा वैसे ही भाजपा, एआईएडीएमके, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े हो गए और अपनी-अपनी मांगों को लेकर हंगामा करने लगे।
हंगामे व शोरगुल के बीच दासमुंशी ने अपना सवाल पूछा। इस बीच भाजपा और अन्नाद्रमुक के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और राजा के इस्तीफे की मांग करने लगे। ये सदस्य 2जी स्पेक्ट्रम विवाद पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान की भी मांग कर रहे थे।
उधर, सपा व राजद के सदस्य जाति के आधार पर जनगणना कराने के मुद्दे पर हंगामा कर रहे थे।
हंगामे और शोरगुल के बीच ही ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने दासमुंशी के सवाल का जवाब दिया। जैसे ही उनका जवाब खत्म हुआ लोकसभाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। इससे पहले उन्होंने सदस्यों से प्रश्न काल सुचारू रूप से चलने देने और अपनी बात शून्यकाल में रखने का बार-बार आग्रह किया।
दोपहर 12 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा जारी रखा। हंगामा जारी देख सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उसके बाद भी जब सदस्यों ने हंगामा जारी रखा तो हंगामे के बीच ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने विदेशी विश्वविद्यालय विधेयक पेश किया, जिसका कि वामपंथी सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। यह विधेयक विदेशी शिक्षण संस्थानों को देश में प्रवेश की अनुमति देता है। विरोध व हंगामा न थमता देख सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में भी इस मुद्दे पर हुए जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 15 मिनट के लिए और फिर उसके बाद यह सिलसिला जारी रहने के कारण 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा आरंभ होने के बाद भाजपा सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 12.27 पर 10 मिनट के लिए 12.37 तक स्थगित कर दी गई। महज दो घंटों के अंदर राज्यसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित हुई।
उधर, एआईएडीएमके ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से 2जी स्पेक्ट्रम मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की है।
राज्यसभा में एआईएडीएमके के नेता वी. मैत्रेयन ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राजा ने बार-बार बयान दिया है कि स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े फैसलों से वह प्रधानमंत्री को अवगत कराते रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री को इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को सदन में आना चाहिए और अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।"
मैत्रेयन ने कहा कि इस कथित घोटाले से एक खरब रुपये का सरकार को नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर राज्यसभा में चर्चा कराए जाने के लिए उन्होंने प्रश्नकाल स्थगित करने का नोटिस दिया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राजा इस्तीफा नहीं देंगे। ऐसे में प्रधानमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications