बच्चों में मनोविकृति का पहला लक्षण 12वें साल में
एक अध्ययन में ब्रिटेन के 12 वर्षीय बच्चों से पूछा गया कि क्या उन्होंने ऐसी चीजें देखीं हैं या ऐसी आवाजें सुनी हैं जो कि वास्तव में नहीं हैं। इसके बाद बच्चों से कुछ प्रश्न पूछे गए। इनमें से करीब छह प्रतिशत बच्चों में मनोविकृति के स्पष्ट लक्षण देखे गए।
जिन बच्चों में ये लक्षण देखे गए उनमें से कई में शीजोफ्रेनिया के खतरनाक कारक भी नजर आए। ऐसे बच्चों में आनुवांशिक, सामजिक, तंत्रिकाओं के विकास संबंधी और व्यवहार संबंधी खतरे देखे गए।
ड्यूक विश्वविद्यालय की अध्ययनकर्ता टेरी मोफिट कहती हैं, "हमें पहले से भयग्रस्त होने की जरूरत नहीं है लेकिन यह ऐसी बात भी नहीं है जिसे नजरअंदाज किया जा सके।"
ये बच्चे ब्रिटेन में हुए 'इनवायरमेंटल रिस्क लांगीट्यूडिन ट्विन स्टडी' के प्रतिभागी थे। इसमें 2,232 बच्चों पर पांच वर्ष की उम्र से अध्ययन शुरू किया गया था। इन बच्चों का सात, 10 और 12 वर्ष की उम्र में दोबारा अध्ययन किया गया था।
यद्यपि बच्चों से 11 वर्ष की उम्र में मनोविकृति के लक्षणों से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे लेकिन शोधकर्ताओं ने 15 वर्ष तक इंतजार किया। ग्यारह वर्ष की आयु में जो लक्षण देखे गए वही लक्षण 15 साल बाद भी देखे गए। जिन बच्चों में ग्यारह वर्ष की उम्र में मनोविकृति संबंधी लक्षण देखे गए उनकी आधी संख्या में वयस्कता में मनोविकृति देखी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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