तकनीकी खराबी के चलते पीएसएलवी का प्रक्षेपण टला
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपने एक बयान में कहा, "निरीक्षण के दौरान पीएसएलवी-सी15 के दूसरे स्तर में दबाव की हल्की कमी पाई गई।"
इसरो ने कहा, "यान के प्रक्षेपण की नई तारीख गड़बड़ी के पूर्ण के अध्ययन के बाद तय की जाएगी।"
पीएसएलवी-सी15 को भारत का काटरेसेट-2बी, अल्जीरिया का अल्सेट-2ए, टोरंटो विश्वविद्यालय के दो छोटे उपग्रह एनएलएस 6.1 और एनएलएस 6.2, और कर्नाटक व आंध्रप्रदेश की संस्थाओं द्वारा बनाया गया उपग्रह स्टुडसेट को अंतरिक्ष में स्थापित करना है।
इससे पहले 15 अप्रैल को भारत के स्वदेशी अति-शीत क्रायोजेनिक इंजन युक्त यान का प्रक्षेपण भी असफल हो गया। प्रक्षेपण के आठ मिनट बाद ही 416 टन वजनी जीएसएलवी-डी3 अपने मार्ग से भटक गया था और जीसेट-4 उपग्रह के साथ बंगाल की खाड़ी में जा गिरा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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