लोकसभा अध्यक्ष ने कायम किया मिसाल
कुमार ने विपक्ष को कटौती प्रस्ताव की अनुमति देने के पहले कहा, "अभी तक सदन में इस परंपरा का पालन किया जाता रहा है कि अनुदान संबंधी मांगों के संदर्भ में जिन कटौती प्रस्तावों पर चर्चा नहीं होती उसे पेश करने की अनुमति नहीं दी जाती। लेकिन मैं इसमें ऐसा कोई कानूनी प्रवाधान नहीं पाती जो कि मांगों पर उन कटौती प्रस्तावों को पेश करने से रोकता हो, जिन पर सदन में चर्चा न हुआ हो।"
कुमार ने कहा कि हाल के वर्षो में कटौती प्रस्ताव के संदर्भ में अपनाए गए सभी नियमों और परंपराओं का उन्होंने सावधानीपूर्वक अध्ययन किया है।
कुमार ने कहा, "मैंने संवैधानिक प्रावधानों का भी परीक्षण किया है। संवैधानिक अधिकार अपेक्षाकृत सर्वोपरि हैं और यह परंपराओं को बदल सकता है।"
कुमार ने कहा, "कटौती प्रस्ताव लाना सदन के सदस्यों को संविधान में दिया गया एक महत्वपूर्ण अधिकार है, जिससे उन्हें रोका नहीं जा सकता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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