आधुनिक कार्यस्थल कर्मियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा
जेनेवा, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। नैनोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और कार्यस्थलों का पुनर्गठन कामगारों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के महानिदेशक जुआन सोमाविया ने कहा, "इस संकट के मद्देनजर हमें मजदूरों के हित में साथ मिलकर काम करना चाहिए।"
आईएलओ की ओर से इस बारे में मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2020 तक 20 फीसदी वस्तुएं नैनोटेक्नोलॉजी पर आधारित हो जाएंगी। इसके बावजूद नैनो पदार्थो के असर को अच्छी तरह से नहीं समझा जा रहा है।
सोमाविया ने कहा, "कार्यस्थलों के पुनर्गठन का कामगारों पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है।"
आईएलओ का अनुमान है कि दुनिया भर में रोजाना 6300 लोग काम से संबंधित चोटों या बीमारियों की वजह से मारे जाते हैं। इस तरह इन कारणों से सालाना 23 लाख से ज्यादा लोगों की मौत होती है। इसके अलावा साल भर में कार्यस्थलों पर करीब 33.7 करोड़ दुर्घटनाएं होती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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