असम में तूफान, 23 लोगों की मौत
भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ का पानी काजीरंगा नेशनल पार्क में घुस गया है।
असम के राहत एवं पुनर्वास मंत्री भूमिधर बर्मन ने कहा कि तूफान से राज्य के 27 जिले पहले से ही प्रभावित हैं। तबाही का मंजर हवा की 108 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ 24 अप्रैल से शुरू हुआ था।
बर्मन ने आईएएनएस को बताया, "राज्य में यह मुसलाधार बारिश अभी तक के आए आपदाओं से बड़ी है।"
सरकारी बयान में कहा गया है कि शनिवार तक 23 लोगों की मौत हो चुकी थी और भारी वर्षा से करीब 150,000 लोग प्रभावित हुए हैं।
बयान के मुताबिक, "भारी तूफान में अनुमानत: 60,000 से अधिक घर ध्वस्त हुए हैं।"
राज्य सरकार ने आपदा में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 100,000 रुपये की सहायता राशि मुहैया कराने की घोषणा की है। जिनके घर क्षतिग्रस्त हुए हैं उनको भी मदद दी जा रही है।
बर्मन ने कहा, "जिला अधिकारी को जिन लोगों के घर ध्वस्त हो गए है उनकी पहचान प्रमाणित कर उनको मदद मुहैया कराने को कहा गया है।"
मौसम विभाग ने राज्य में अगले 48 घंटों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफान आने की आश्ांका जाहिर की है। इसे देखते हुए हालात पर निगरानी रखने के लिए गुवाहाटी में एक आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष खोला गया है।
इस बीच भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ से 500 गांवों के 300,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। इसमें दो लोगों के मरने की भी बात कही जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग ने कहा है कि ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
इधर, काजीरंगा नेशनल पार्क में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।
पार्क के एक वार्डेन ने कहा,"काजीरंगा नेशनल पार्क में पानी घुस गया है। जानवर अभ्यारण्य छोड़कर सुरक्षा के लिए ऊंचाई वाले स्थान पर चले गए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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