अजमेर दरगाह पर चढ़े फूलों से बनेगा इत्र

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सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिक्लीनिकल एंड एरोमैटिक प्लांट्स (सीएएमएपी) के प्रौद्योगिकी एवं व्यापार विकास के प्रमुख ए. के. सिंह ने बताया,"हमारा संस्थान दरगाह पर चढ़ाए जाने वाले कई टन फूलों का इस्तेमाल करेगा।अब तक इन फूलों को फेंक दिया जाता है।" उन्होंने बताया कि एक ऐसी तकनीक विकसित की गई है जिससे फूलों की पंखुड़ी से इत्र बनाया जा सकता है। इनका इस्तेमाल गुलाब जल, गुलाब का इत्र, अगरबत्ती और अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार दरगाह पर रोजाना करीब छह टन गुलाब का फूल चढ़ाया जाता है। मई महीने के दूसरे सप्ताह में इस परियोजना पर काम शुरू हो जाने की उम्मीद है।
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सिंह ने बताया, ''दरगाह कमेटी का बहुत समय से कहना था कि इन फूलों का निपटान उनके लिए परेशानी का सबब है। इसलिए हमने वहां दो मशीनें लगा दी हैं जिनसे गुलाब की पंखुड़ियों से इत्र निकाला जा सकेगा।'' सिंह का कहना है कि इस परियोजना से रोजगार के का एक साधन उपलब्ध होगा और गरीबों को प्रशिक्षिण का मौका भी मिल सकेगा।












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