निशानेबाज की मदद के लिए पुलिसकर्मियों ने बढ़ाया हाथ
राज्य की राजधानी से लगभग 350 किलोमीटर दूर बागपत जिले के अंगदपुर गांव के निवासी 20 वर्षीय फारुक अली के पिता ट्रक चालक हैं। जिला पुलिस से इस तरह की मदद के मिलने के बाद अली अब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली शूटिंग प्रतिस्पर्धाओं में पदक जीतने के सपने देख रहे हैं।
अली ने बागपत से फोन पर आईएएनएस को बताया, "अब में दूसरे लोगों से बंदूक नहीं लूंगा..जल्दी ही मेरे पास अपनी बंदूक होगी। मैं सचमुच पुलिस वालों का आभारी रहूंगा जिन्होंने मेरी सहायता के लिए धन एकत्र किया है।"
अली ने कहा कि, "मै बहुत खुश हूं क्योंकि मैं राष्ट्रमंडल खेलों के क्वालिफाइंग राउंड में भाग ले सकूंगा।"
गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले फारुक अली राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में अब तक 50 से अधिक पदक जीत चुके हैं। अली वर्ष 2009 में दोहा में होने वाले एशियन एयर गन चैंपियनशिप और हंगरी ओपन चैंपियनशिप में रजत पदक जीते चुके हैं।
अली ने इस संबंध में बताया कि मैने वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से मदद मांगी थी लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिला।
बागपत जिले के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार कुछ स्थानीय मीडियाकर्मियों के साथ अली की समस्यायों से अवगत होने उसके गांव पहुंचे और उन्होंने अली की सहायता करने का निर्णय लिया।
कुमार ने आईएएनएस को बताया कि सहकर्मियों से बात करने के बाद जिला पुलिस ने निशानेबाज को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया। इसके लिए कुछ स्थानीय व्यवसायियों और उद्योगपतियों को भी तैयार किया गया। इसके बाद एकत्र की गई 92,000 धनराशि दो दिनों पहले ही अली को सौंप दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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