बची या सृजित हुईं 2.1 करोड़ नौकरियां : आईएलओ
आईएलओ के नए अध्ययन के परिणाम मंगलवार को जी-20 देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में एजेंसी के महानिदेशक जुआन सोमाविया ने पेश किए।
बैठक में उन्होंने कहा कि भविष्य में संतुलित और स्थाई वृद्धि के लिए हमें एक रोजगार परक ढांचे की आवश्यकता है।
आईएलओ की रिपोर्ट के अनुसार जी 20 देशों ने वैश्विक संकट पर तत्काल और निर्णायक प्रतिक्रिया प्रकट की। वर्ष 2008 के अंत में मौद्रिक नीति के तहत उठाए गए कदमों से कमजोर अर्थव्यवस्थाओं को स्थिरता मिली और तुरंत उठाए गए वित्तीय कदमों से रोजगार बढ़ा।
रिपोर्ट में कहा गया कि जी-20 देशों में अर्थव्यवस्था में सुधार के बावजूद श्रम बाजार में वर्ष 2008 से सुस्ती कायम है।
कुछ विकासशील और उभरतीय हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों में अनियमित रोजगार और गरीबी बढ़ी है जबकि सभी आय स्तरों में वृद्धि की गति कमजोर रही है।
नए अध्ययन में यह भी पाया गया कि रोजगार में वृद्धि का स्तर उत्पादन में बढ़ोतरी पर टिका हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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