फर्जी रामनंदाचार्य का मामला सामने आया
नरेशाचार्य महाराज ने आरोप लगाया है कि कई फर्जी रामनंदाचार्य हैं। वैष्णव संतों में इसको लेकर आंदोलन की सुगबुगाहट है।
नरेशाचार्य महाराज ने तमाम विवादित संतों को जमीन आवंटित किए जाने पर भी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कहा कि आवंटन से पूर्व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से भी विचार विमर्श करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
नरेशाचार्य महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद को भी अपने नियमों में संशोधन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले को केवल साधु संतों की पदों की प्रतिस्पर्धा के लिए ही याद किया जाएगा। उनका कहना था कि वैष्णवों के 669 खालसे बन चुके हैं।
नरेशाचार्य महाराज ने कहा कि चारों सम्प्रदायों के महामण्डलेश्वर भी बढ़ते जा रहे हैं, जो भविष्य में कुंभ की व्यवस्थाओं के लिए चुनौती बन सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि रामानंद सम्प्रदाय के 80 आश्रम हैं, जिनमें तिरूपति भी शामिल हैं। इनमें से मुख्य श्रीमठ है, जिसपर आसीन व्यक्ति ही रामनंदाचार्य है। दूसरी ओर विभिन्न अखाड़े तमाम रामनंदाचार्य घोषित कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications