कुशीनगर में 600 ईसापूर्व का भग्नावशेष!
कुशीनगर जनपद के रामकोला थाना अन्तर्गत रोवांरी गांव के निवासी जयप्रकाश मल्ल अपनी खेत में पोखरे की खुदाई करा रहे थे। खुदाई 9 फीट नीचे पहुंची थी कि जेसीबी मशीन के ड्राइवर को यह दीवार दिखाई दी। इस पर 10 फुट की लम्बाई में पड़ी मिट्टी को हटाया गया तो नीचे से पानी आना शुरू हो गया।
खबर लगते ही पूरा गांव देखने के लिए टूट पड़ा। डेढ़ से दो इंच मोटी एवं छोटे-छोटे ईंटों से बनी दीवार की मोटाई तकरीबन 2 फुट है।
इस संबंध में पुरातत्व से जुड़े लोगों का कहना है कि सही आंकलन तो ईटों की जांच एवं खुदाई के बाद ही हो पाएगा लेकिन कुशीनगर के इतिहास में 600 ईसापूर्व का कोई अभिलेख नहीं मिलता है, जबकि ईंटें बौद्घकालीन हो सकती हैं।
इस संबंध में गोरखपुर के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी अम्बिका सिंह ने बताया कि दीवार के संबंध में जानकारी मिली है लेकिन जब तक जांच नहीं हो जाती कुछ कहा नहीं जा सकता। वैसे तो वे ईंटें 10वीं या 8वीं सदी की हो सकती हैं।
सिंह ने बताया कि ईंटों की बनावट व ग्रेविटी से इनके काल का निर्धारण किया जाता है। उन्होंने बताया कि जांच के संबंध में अब तक विभाग को कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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