ज्वालामुखी की राख दमे के मरीजों के लिए नुकसानदायक
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से जारी चेतावनी में कहा गया है कि ऐसे लोगों को जहां तक हो सके बाहर निकलने से बचना चाहिए या फिर नकाब पहनकर बाहर निकलना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के प्रवक्ता डेनियल एप्सटिन ने बताया कि यह प्रभाव उस समय महसूस किया जाएगा जब राख कई यूरोपीय देशों पर गिरेगी।
संयुक्त राष्ट्र समाचार केंद्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि सबसे अधिक खतरा सांस की तकलीफ से परेशान लोगों को है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ऐसे लोगों को घर में ही रहना चाहिए या फिर बाहर निकलते समय नकाब पहन लेना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वालामुखी की राख में अमोनियम सल्फेट, सोडियम, कार्बन सहित कई तत्व मिले हुए हैं जो ब्रोन्कियल परिधि तक पहुंच सकते हैं जिससे लोगों को परेशानियां पैदा हो सकती हैं।
विश्व मौसम संगठन का कहना है कि इस बात का पूर्वानुमान लगाना काफी मुश्किल है कि वातावरण में राख कब तक कायम रहेगी जबकि आइसलैंड के ज्वालामुखी से निकल रही राख अभी भी वातावरण में कायम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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