लिंग समानता के लिए टकराववादी दृष्टिकोण नहीं : राष्ट्रपति
सिक्किम उच्च न्यायालय के स्वर्ण जयंती वर्ष समारोहों के समापन समारोह के रूप में सिक्किम के विशेष संदर्भ लिंग न्याय व महिला सशक्तीकरण विषय पर एक संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए पाटील ने कहा कि आजादी के बाद से महिलाओं को संपत्ति में हिस्सा देने, दहेज रोकने और कार्य स्थल पर समान मानधन देने के लिए कई सारे कानून बनाए गए।
पाटील ने कहा कि कानून महत्वपूर्ण तो है लेकिन पर्याप्त नहीं है।
राष्ट्रपति ने कहा, "महिलाओं को आगे आना है और अपने अधिकार को हासिल करना है। लेकिन लिंग समानता कोई टकराववादी दृष्टिकोण नहीं है। इसका मतलब आपसी सम्मान और गैर भेदभावपूर्ण तरीके से सभी के लिए समान अवसर हो। मैं मानता हूं कि लिंग समानता का मतलब महिलाओं व पुरुषों का अपने परिवार की खुशी और समाज के कल्याण के लिए मिल कर काम करना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications