12 नई फसल प्रजातियों को व्यावसायिक खेती की अनुमति
देहरादून, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विकसित विभिन्न फसलों की 12 प्रजातियों को केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अधिसूचित कर देश भर में उनकी व्यावसायिक खेती की अनुमति दे दी है।
विश्वविद्यालय में दो वर्षो के शोध के दौरान दलहन, तिलहन, धान और चारे की 12 प्रजातियां विकसित की गई हैं।
विश्वविद्यालय के निदेशक (शोध) डॉ. एस. के. सैनी के अनुसार विश्वविद्यालय द्वारा विकसित गेहूं की 'यूपी-2628', लोबिया की 'पंत लोबिया-एक' एवं 'यूपीसी- 621', मूंग की 'पंत मूंग-पांच', अरहर की 'पंत अरहर-291', मसूर की 'पंत मसूर-छह' एवं 'पंत मसूर-सात', चने की 'पंत काबुली चना-एक', तोरिया की 'उत्तरा', सरसों की 'पंत पीली सरसों-एक', जौ की 'पी आरबी-502' तथा बाजरा की 'पीआरसी-एक' प्रजातियों को अधिसूचित किया गया है।
'यूपी-2628' गेहूं की पैदावार अन्य प्रजातियों की तुलना में 10 फीसदी अधिक है। 'पंत लोबिया-एक' 65 दिन में पककर तैयार हो जाती है। 'पंत मूंग-पांच' प्रजाति की उपज क्षमता 15 कुंटल प्रति हेक्टेयर है। 'पंत अरहर-291' की उपज 25 कुंटल प्रति हेक्टेयर है। 'पंत मसूर-छह' 125 से 130 दिन में तैयार होकर 15 कुंटल प्रति हेक्टेयर की उपज देती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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