राजस्थान में पेयजल का गंभीर संकट
जयपुर, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान में भयंकर गर्मी की वजह से जल स्रोतों के सूखने के बीच राज्य के कुछ गावों में महीने में एक से दो बार ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसी पानी से लोगों को महीने भर काम चलाना पड़ता है।
लोगों को हालांकि अब भी यह उम्मीद है कि सरकार पानी के टैंकरों की व्यवस्था करेगी। राज्य के 33 जिलों में से 26 जिले सूखे की चपेट में हैं। इस हालात से निपटने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा किए गए प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। विभिन्न भागों से आ रही रिपोर्ट के मुताबिक लोगों ने सरकार से पानी की समस्या को दूर करने की अपील की है।
नौलाखी की रहने वाली सुंदर देवी ने आईएएनएस को बताया कि उनके गांव में महीने में दो या तीन बार ही पानी आता है और वह भी काफी कम मात्रा में।
उन्होंने कहा कि पानी का दबाव इतना कम होता है कि एक बाल्टी को भरने में आधे घंटे का समय लग जाता है। हालात यही रहे तो ग्रामीण विस्थापित होने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
पेयजल की समस्यया के बारे में बीकानेर जिले के ग्रामीण लाला राम कहते हैं कि हम कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते हैं। अत: पानी के टैंकरों की निगरानी के लिए सुरक्षा गार्डो को रखा गया है।
राज्य के झालावाड़ जिले के अखलेरा में पानी की समस्या काफी गंभीर हो गई है। जिला प्रशासन पानी की समस्या से निपटने के लिए पानी के 150 टैंकरों की व्यवस्था करने की योजना बना रहा है।
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य के राहत विभाग से मदद के लिए कहा गया है। हम मई से पानी के टैंकरों की सप्लाई शुरू करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य में प्रति व्यक्ति वार्षिक जल की उपलब्धता के मुताबिक 780 क्यूबिक जल की आपूर्ति ही हो पाती है जबकि न्यूनतम आवश्यकता 1,000 क्यूबिक की है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि वर्ष 2050 तक राज्य में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 450 क्यूबिक तक पहुंच जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications