अब मंसादेवी की पहाड़ी दावानल की चपेट में
इस आग से गर्मी में भी इजाफा होने की बात कही गई है। पिछले दिनों चण्डीदेवी में भी भीषण आग लगने से एक दिन चण्डीदेवी श्रद्घालुओं को मंदिर जाने से रोका गया था।
कुम्भनगरी हरिद्वार के दो अलग छोरों पर अवस्थित इन सिद्घपीठों की पहाड़ियों के जंगलों के धू-धू कर दहकने से यहां भी इसकी लपटों की गर्मी साफ दिखाई दी। कुम्भ मेला प्रशासन व वन महकमा इससे जूझने में डरा दिखाई दिया। हालांकि इस आग से अभी मंदिर परिसर में किसी तरह का नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन नील पर्वत व मंसादेवी पवर्त में आग ने जंगलों को करोड़ों की क्षति पहुंचा दी है जिससे वनविभाग के हाथ पांव फूले हुए हैं।
यह दावानल न केवल इन दो पर्वतों पर भड़की हो ऐसा नहीं है इसकी चपेट में कार्बेट पार्क समेत राजाजी पार्क विन्सर अभयारण्य समेत चमोली जिले के नंदादेवी जैवमण्डल के कुछ जंगल भी आ चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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