कैलाश मानसरोवर के पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करेंगे भारत, नेपाल
इस परियोजना को नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित ईसीमोड संस्था एवं केन्या की राजधानी नैरोबी स्थित यूनेक के सहयोग से चलाया जा रहा है।
परियोजना के माध्यम से कैलाश-मानसरोवर की प्राकृतिक खूबसूरती को संरक्षित करने तथा बदलते मौसम के कुप्रभावों से इसे बचाने का प्रयास होगा। परियोजना को लागू करने के लिए एक तीन दिवसीय कार्यशाला अल्मोड़ा में आयोजित की गई। इसमें क्षेत्र की जैव-विविधता, पर्यावरण एवं सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सूचनाओं का तीनों देशों के बीच आदान-प्रदान करने व कानूनी तंत्र विकसित करने की बात कही गई।
भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव डा़ हेम पाण्डे के अनुसार यह परियोजना काठमाण्डू के ईसीमोड संस्था व यूनेक के संयुक्त प्रयासों से चलाई जा रही है। संस्था के कार्य के लिए चीन के तिब्बत स्वायत्तशासी भूभाग के दक्षिण पश्चिम का क्षेत्र, नेपाल के उत्तर पश्चिम का क्षेत्र और उत्तराखण्ड का उत्तरी क्षेत्र चुना गया है। यह क्षेत्र सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिक रूप से विशिष्ट होने के साथ ही गंगा समेत तमाम नदियों का उद्गम क्षेत्र भी है।
कार्यशाला का आयोजन राजीव गांधी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल के सहयोग से किया गया। मंगलवार को समाप्त हुई कार्यशााला में तीनों देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications