बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर जयपुर रवाना
बैंसला के अचानक उठाए गए इस कदम के बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। गुर्जर समिति के नेता बैंसला ने रेल पटरियों पर कब्जा करने की आशंकाओं से इंकार किया है लेकिन प्रशासन ने ऐहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। राज्य के गृहमंत्री शांति धारीवाल हालात पर नजर रखे हुए हैं।
पिछले करीब तीन हफ्ते से बैंसला आरक्षण की मांग को लेकर जयपुर कूच की चेतावनी दे रहे थे लेकिन हर वक्त उन्हें सरकार ने वार्ता कर रोक लिया था। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता डॉक्टर रूप सिंह ने आईएएनएस को बताया कि समिति के संयोजक बैंसला के नेतृत्व में हजारों गुर्जरों ने हिण्डौन में महापड़ाव स्थल से जयपुर की ओर कूच शुरू कर दिया।
सिंह ने कहा, "हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। मंगलवार सुबह कर्नल बैंसला ने वार्ता के बाद वापस लौटे 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। इसके बाद करीब 10.30 बजे बैंसला हिण्डौन राजकीय महाविद्यालय में महापड़ाव में शामिल लोगों को संबोधित किया और जयपुर कूच का निर्णय सुनाया। आम सहमति के बाद सभी लोग करीब पौने बारह बजे जयपुर के लिए रवाना हुए।"
बैंसला ने वार्ता विफल होने का दोष धारीवाल और ऊर्जा मंत्री जितेन्द्र सिंह पर मढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी पांच मांगों में से चार मांगों पर अपनी सहमति दी है लेकिन उनकी पांचवीं मुख्य मांग पांच फीसदी आरक्षण की है, जो अभी भी अटकी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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