रिलायंस के डीलर गुजरात में संघर्ष की राह पर
एसोसिएशन के प्रवक्ता ने कहा कि डीलरों के निवेश की वापसी होनी चाहिए क्योंकि लगातार चार वर्षो के नुकसान ने उनको वित्तीय रूप से खोखला कर दिया है।
एसोसिएशन की बैठक के बाद एक सदस्य वरुण पटेल ने कहा, "हम इसे अब और झेलने की स्थिति में नहीं हैं।"
राज्य के डीलर मालिकों और संचालकों (डीओडीओ) ने एक प्रस्ताव पारित करके भूमि के पट्टे और डीलरशिप अनुबंध को रद्द करने और पेट्रोल पंपों में लगे उपकरणों की बाजार कीमत पर खरीद की मांग की।
पटेल ने कहा कि यदि रिलायंस इन पंपों को खुद चलाना चाहे तो उसे जमीन के मालिकों को बाजार कीमत का भुगतान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दो महीने पहले जब उन्होंने इस मुद्दे को उठाया तो रिलायंस समूह के अध्यक्ष परिमल नाथवानी ने डीलरों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था। परंतु इस मामले पर कुछ नहीं किया गया। इसलिए संगठन के सामने फिर से आंदोलन शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
रिलायंस और एस्सार ने पूरे देश में पेट्रोल पंपों की श्रृंखला शुरू की थी लेकिन बाद में सरकारी तेल कंपनियों से कीमतों में भिन्नता को ध्यान में रखकर इनको बंद कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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