नक्सलियों के बारे में पुलिस के पास सुराग
इस अभियान से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बस्तर क्षेत्र के जगदलपुर जिले से बताया, "नक्सलियों के सशस्त्र समूह पीपुल्स लिबरेशन आफ गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की एक ईकाई ने इस हमले को अंजाम दिया है।"
अधिकारी ने कहा कि जब तक बारूदी सुरंग को निष्क्रिय नहीं कर लिया जाता, उस भूभाग में कदम बढ़ाने का मतलब है खतरा मोल लेना।
पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए इस घटना के बाद से राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन स्वयं जगदलपुर में डेरा डाले हुए हैं।
विश्वरंजन ने गुरुवार को संवाददाताओं से जगदलपुर में कहा सीआरपीएफ के जवान यह पता नहीं लगा पाए कि नक्सली घात लगाकर हमले के लिए बैठे हुए हैं।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि पुलिस के दर्जनों दस्ते जंगल में तलाशी अभियान चला रहे हैं। तलाश का केंद्र सुकमा और कोंटा को बनाया गया है। लेकिन सुराग होने के बाद भी पुलिस आंख मूंदकर नक्सलियों के कब्जे वाले घने जंगलों में नहीं जाएगी।
विश्वरंजन ने कहा कि अब और अधिक सावधानी के साथ हम अभियान को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ रणनीति में बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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