दंतेवाड़ा में हुई चूक की जांच होगी : चिदंबरम (लीड-1)
चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, " हमने इस बात की जांच कराने का फैसला किया है कि चूक कहां हुई। एक तय समय सीमा के भीतर इस पर रिपोर्ट पेश की जाएगी।"
चिदंबरम ने कहा, "मैं बुधवार के अपने कहे पर कायम हूं कि कहीं चूक हुई है। हम इसका पता लगाएंगे।"
गृह मंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा में बारूदी सुरंग रोधी वाहन को भी नक्सलियों ने उड़ा दिया और चालक की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह वाहन केवल एक निश्चिम सीमा तक के विस्फोटों से ही बचाव कर सकता है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने अधिक बारूदी सुरंग रोधी वाहनों की मांग की है लेकिन इनके निर्माण की क्षमता सीमित है।
चिदंबरम ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने 280 बारूदी सुरंग रोधी वाहनों की मांग की है लेकिन इनके निर्माण की सरकारी और निजी क्षमता बहुत कम है।
चिदंबरम ने कहा कि नक्सली सीमा पार से हथियार खरीदते हैं।
उन्होंने कहा, "सीमा पार कई बाजार हैं। आप वहां से हर वक्त हथियार हासिल कर सकते हैं। आपको क्या लगता है कि पूर्वोत्तर के उग्रवादियों को हथियार कहां से मिल रहे हैं। सीमा पार ऐसे कई जगह हैं जहां आप हथियार खरीद सकते हैं। आप गूगल पर जांच कर सकते हैं, यदि आप नहीं गए हैं तो वहां जाइए।"
चिदंबरम ने कहा कि नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ भारत की खुली सीमाएं हैं, जहां से विद्रोही हथियारों की तस्करी करते हैं।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में हुए नक्सली हमले में 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। चिदंबरम ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल ने संयुक्त रूप से फैसला किया था।
केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने भी गत वर्ष कहा था कि नक्सली चीन, म्यांमार और बांग्लादेश के बाजारों से हथियार हासिल करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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