मध्य प्रदेश में पानी के लिए 'खून'
प्रदेश के बहुत बड़े हिस्से में रोजाना पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गर्मी की शुरुआत में ही कहीं दो दिन, कहीं तीन दिन और कहीं पांच दिन के अंतराल से लोगों को पानी मिल पा रहा है। प्रदेश के 50 में से 38 जिलों की तहसीलें सूखाग्रस्त हैं।
प्रदेश की 14 नगर निगमों में से सात के हालात ठीक नहीं है। यही कारण है कि जब नलों में पानी आता है अथवा टैंकर उनके वार्ड में पहुंचता है तो लोगों के लिए पानी पहली प्राथमिकता बन जाती है। इसके लिए वे कुछ भी करने को आमादा हो जाते हैं। इसी के चलते विवाद, मारपीट और हत्या की घटनाएं आम हो चली हैं।
प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर के बख्शीबाग इलाके में पानी भरने को लेकर होने वाला विवाद इतना बढ़ गया कि हुकुम गौर ने 16 वर्षीय पूनम यादव की चाकू मारकर हत्या कर दी।
मंगलवार को भी रतलाम के आलोट थाना क्षेत्र के खदान इलाके में सार्वजनिक नल पर पानी भरने को लेकर मजदूर राम सिंह का मुनीम रामचंद्र प्रजापति से विवाद हो गया। दोनों पहले पानी भरना चाहते थे। विवाद इतना बढ़ गया कि राम सिंह ने तैश में आकर रामचंद्र को गोली मार दी।
प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी पानी को लेकर विवाद और मारपीट की खबरें आ रही हैं। प्रदेश सरकार की ओर से पेयजल समस्या से निपटने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। जल आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर राशि मंजूर की जा रही है। उसके बावजूद प्यास नहीं बुझ पा रही है। यही कारण है कि बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ते जलसंकट से आपराधिक वारदातें बढ़ने के हालात बन रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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