राठौर की जमानत पर सुनवाई 19 जुलाई को

राठौर को रुचिका गिरहोत्रा से छेड़खानी का दोषी ठहराया गया है। रुचिका ने बाद में आत्महत्या कर ली थी। बहरहाल दो नए मामलों में राठौर को उच्च न्यायालय से मिली अंतरिम जमानत 19 अप्रैल तक जारी रहेगी। सीबीआई के वकील की ओर से मामले की जांच पूरी करने के लिए और अधिक समय की मांग के बाद न्यायाधीश सबीना ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।
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सीबीआई के वकील अजय कौशिक ने कहा, "जांच अभी जारी है। यह एक पुराना मामला है और हम मामले के हर पहलू देख रहे हैं। इसलिए हमने न्यायालय से कम से कम चार सप्ताह का समय मांगा है।" राठौर सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं था लेकिन उसकी पत्नी और वकील आभा राठौर न्यायालय में उपस्थित थीं। शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश और उनके वकील पंकज भारद्वाज भी सुनवाई में उपस्थित थे।
शिकायतकर्ता के वकील सीबीआई की जांच में देरी से कुछ परेशान दिखे। भारद्वाज ने न्यायालय के बाहर संवाददाताओं से कहा, "सीबीआई जानबूझकर मामले में देरी कर रही है। हमने सभी साक्ष्य पेश कर दिए और अपने बयान उनके सामने दर्ज करा दिए लेकिन अब तक वे राठौर से पूछताछ नहीं कर पाए। इससे उनकी जांच पर सवाल खड़ा होता है।" इससे पहले छेड़खानी मामले में सीबीआई द्वारा राठौर के खिलाफ दर्ज दो नई प्राथमिकियों पर 25 जनवरी को उच्च न्यायालय ने उसे अंतरिम जमानत दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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