अफ़ग़ान सैनिकों को ही निशाना बना दिया

दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि छह सैनिक मारे गए हैं. ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि वो क्या बिना निशान वाले वाहन में यात्रा कर रहे थे. इस घटना के कुछ घंटे पहले चरमपंथियों ने तीन जर्मन लोगों की हत्या कर दी थी. पिछले कुछ दिनों से अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई और काबुल में तैनात विदेशी अधिकारियों के बीच तनाव चल रहा है. राष्ट्रपति करज़ई ने काबुल में तैनात विदेशी अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वो उन्हें और उनकी सरकार को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं.
भाषण पर विवाद
हालांकि उसके बादराष्ट्रपति करज़ई ने अमरीका की शंकाओं को दूर करने के लिए हिलेरी क्लिंटन से फ़ोन पर बात की है. करज़ई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मदद के लिए अफ़ग़ानिस्तान के लोग आभारी हैं. इस सब पर व्हाइट हाउस ने कहा था कि करज़ई का बयान चिंताजनक है. अपने विवादित भाषण में करज़ई ने कहा था कि पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव में धोखाधड़ी हुई है.
उन्होंने अफ़ग़ान स्वतंत्र चुनाव आयोग से कहा था कि इसमें कोई शक़ नहीं कि बड़े पैमाने पर धाँधली हुई थी लेकिन ये धोखाधड़ी विदेशियों ने की है. करज़ई ने ख़ासतौर पर पीटर गालब्रैथ ( संयुक्त राष्ट्र अभियान के पूर्व उपप्रमुख) और जनरल मॉरीलन ( यूरोपीय संघ अभियान के प्रमुख) का नाम लिया. हामिद करज़ई ने आरोप लगाया था कि ये दोनों एक कट्ठपुतली सरकार बनवाना चाहते थे. दोनों अधिकारियों ने आरोपों का खंडन किया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ताज़ा विवाद के बाद अमरीका इस बात को लेकर चिंतित है कि बतौर सहयोगी करज़ई पर कितना भरोसा किया जा सकता है.












Click it and Unblock the Notifications