जहरीली शराब मामले में मायावती ने 5 को निलंबित किया (लीड-2)
लखनऊ में रविवार देर शाम एक बयान जारी करके मारे गये लोगों के प्रति दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी सरकारी कर्मचारी कच्ची शराब के कारोबारियों की मदद करता है उसे किसी भी हाल में बक्शा न जाये।
राज्य के आबकारी आयुक्त सुधीर बोगड़े ने प्रारंभिक जांच के बाद आबकारी निरीक्षक संजय विद्यार्थी, रामेश्वर मौर्या सहित हेड कांस्टेबल सच्चनिंद सिंह, सिपाही रामबली और अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
रविवार शाम तक जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या सात से बढ़कर आठ पहुंच गई। पांच लोगों की मौत भदोही जिले के चौरा थाना क्षेत्र में हुई, जबकि अन्य तीन की मौत वाराणसी जिले के कुपसेठी थाना क्षेत्र में हुई। मरने वाले लोग कामगार तबके के बताए जा रहे हैं।
भदोही के पुलिस अधीक्षक जनेश्वर तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि चौरा थाना क्षेत्र के दानुपट्टी और जगन्नाथपुर गांव के कुछ लोगों ने शनिवार शाम वाराणसी जिले के शिवराजपुर गांव से कच्ची शराब लाकर पी थी। यहां शराब अवैध रूप से बेची जाती है। इसकी वजह से देर रात इनकी हालत बिगड़नी शुरू हो गई और सुबह पांच लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि मृतकों में एक महिला भी शामिल है। जहरीली शरीब पीने की वजह से गंभीर रूप से बीमार 15 लोगों का इलाज भदोही जिला अस्पाताल में चल रहा है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
वाराणसी के पुलिस उपमहानिरीक्षक डी. के. ठाकुर ने संवादाताओं से कहा कि जिले के कुपसेठी गांव के रहने वाले तीन लोगों की मौत शराब पीने से हुई है। इन्होंने भी शिवराजपुर से लाकर कच्ची शराब पी थी।
घटना के बाद वाराणसी और भदोही जिले की पुलिस ने शिवराजपुर गांव में संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
तिवारी ने बताया कि दोनों जिलों की पुलिस ने दबिश देकर मौके से कच्ची शराब बरामद की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में फिलहाल चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उनसे हुई प्रारंभिक पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
तिवारी के मुताबिक शराब के नमूनों को इकट्ठा कर जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को इन मौतों की वजह कच्ची शराब में मिथाइल अल्कोहल की मिलावट होने का अंदेशा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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