गृह मंत्रालय को नक्सलियों का करारा जवाब
रांची।
गृहमंत्र पी चिंदंबरम एक ओर नक्सलियों की धर-पकड़ में लगे हैं। वहीं दूसरी ओर नक्सली भी कुछ उसी अंदाज में सरकार की रणनीतियों का जवाब दे रहे हैं। देश के नक्सल प्रभावित राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में सरकार का 'ग्रीन हंट' अभियान जारी है। लेकिन पुलिस को नक्सलियों के दमन में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही। id="toptextpromo">पढ़ें
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href="/news/2010/03/25/operation-green-hunt-kills-90-maois.html"
target="_blank">छत्तीसगढ़:
'ग्रीन
हंट'
में
मारे
गए
90
नक्सली
इसलिए पुलिस ने झारखंड सरकार के पास एक संस्तुति भेजी जिसमें उसने शीर्ष नक्सली नेता किशनजी का सुराग देने वाले को 12 लाख रुपये का ईनाम दिए जाने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा का जवाब देते हुए नक्सलियों ने भी सात पुलिस अधिकारियों पर 10 लाख का ईनाम रख दिया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "नक्सली पहले भी पुलिस अधिकारियों पर ईनाम की घोषणा कर चुके हैं। " id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>
नक्सली
नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशन जी को पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, और उड़ीसा में वांछित घोषित किया गया है। आशंका जताई जा रही है कि किशन जी पश्चिम बंगाल-झारखण्ड सीमा से सटे जंगली क्षेत्रों में छुपे हो सकते हैं। इसके जवाब में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने भी रांची, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, लोहारदगा के पुलिस अधीक्षकों सहित दो अन्य अधिकारियों को पकड़वाने में मदद करने वाले को 10 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।











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