जांच सूची लागू होने से मौतों में कमी
इस सूची का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल के कर्मियों ने मरीज का सर्वोत्तम संभव उपचार किया है।
इस प्रणाली के तहत डॉक्टरों और नर्सो को एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना होता है और यह जानकारी देनी होती है कि उन्होंने क्या इलाज किया और इसके लिए कितना समय लिया?
इस शोध की अगुवाई करने वाले ब्रियान जर्मन के अनुसार लंदन के तीन अस्पतालों में यह प्रणाली लागू की गई और एक साल के भीतर यहां होने वाली कुल मौतों में करीब 15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
इस सूची को 'देखभाल का पुलिंदा' कहा जा सकता है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आघात, हृदय का काम न करना, क्रॉनिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी जानलेवा बीमारियों के लिए विकसित किया है।
शोध में पता चला कि इस सूची की वजह से गंभीर रोगों की सर्जरी के दौरान होने वाली मौतों में 40 फीसदी की कमी आई।
वेबसाइट 'टेलीग्राफ डॉट को डॉट यूके ' के अनुसार ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपे इस शोध के अनुसार इस सूची को लागू किए जाने के साल भर के भीतर कुल मौतों में 14.5 फीसदी की गिरावट आई है।
कुछ सूचियों में अस्पताल के कर्मचारियों को यहां तक जिक्र करना होता है कि उन्होंने मरीज का इलाज करने से पहले अपने हाथ धोए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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