हैदराबाद में देखते ही गोली मारने के आदेश (लीड-2)
पुराने शहर में मंगलवार को कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई जबकि ताजा संघर्षो के बाद नए क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त ए. के. खान ने मंगलवार शाम संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि अफजलगंज, बेगमबाजार, शाहीनाथगंज, ताप्पाचापुत्र, आसिफनगर, मंगलहाट, कुलसुमपुरा और हबीबगंज पुलिस थानाक्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है।
इसके साथ ही शहर में प्रदर्शन और रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दंगा प्रभावित पुराने शहर में मंगलवार को भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी रहा। दक्षिणी क्षेत्र के सभी 17 पुलिस थाना क्षेत्रों में सोमवार रात से ही कर्फ्यू जारी है।
हैदराबाद और सिकन्दराबाद के मुशीराबाद, भोलकपुर, रानीगंज और अन्य इलाकों में दो विभिन्न समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए। भीड़ को तीतर बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां भी चलाई।
प्रदेश के पुलिस प्रमुख गिरीश कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कर्फ्यूग्रस्त पुराने शहर में पत्थर, डंडे व हथियारों से लैस व्यक्तियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। हिंसा की ताजा घटनाओं, जिनमें 30 से अधिक लोग घायल हो गए, के बाद पुलिस ने यह आदेश जारी किए।
तनाव उत्पन्न होने के बाद से विभिन्न घटनाओं के सिलसिले में 100 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
ऐतिहासिक चार मीनार के समीप गुलजार हौज और शहाली बांदा के कर्फ्यू वाले इलाकों में पथराव की इक्का-दुक्का घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस ने लाठी चार्ज कर और शरारती लोगों को गिरफ्तार कर हालात पर काबू पा लिया।
हनुमान जयंती के मौके पर पुराने शहर में पुलिस ने किसी भी समूह को शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन हैदराबाद के कुछ इलाके में शोभा यात्राएं निकाली गईं।
हुसैनी आलम के मूसाबावली क्षेत्र में शनिवार को भड़की साम्प्रदायिक हिंसा की वजह से अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जबकि कई धार्मिक स्थलों पर हमला किया गया तथा वाहन फूंक डाले गए।
पुराने शहर के संवेदनशील इलाकों में सैकड़ों पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में दसवीं की परीक्षा स्थगित कर दी है। इन छात्रों की परीक्षा बाद में ली जाएगी।
पिछले तीन दिनों से जारी हिंसा और कर्फ्यू की स्थिति की वजह से लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने कुछ डेयरी फार्म्स के साथ मिलकर कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में मंगलवार सुबह दूध की आपूर्ति की। महिलाओं को जरूरी वस्तुओं की खरीदारी के लिए घरों से निकलने की इजाजत दी गई।
पुलिस ऐतिहासिक चार मीनार क्षेत्र के आसपास के संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखे हुए है।
पुलिस आयुक्त खान ने बताया कि दंगों के जिम्मेदार लोगों की शिनाख्त के लिए पुलिस ने 10 दल बनाए हैं। उन्होंने बताया, "अब तक विभिन्न घटनाओं के सिलसिले में 110 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और दोषियों की पहचान के लिए उनसे पूछताछ की जा रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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