सू ची की पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी

बर्मा के विपक्षीदल नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) ने कहा है कि वह चुनावों में हिस्सा नहीं लेगी.
एनएलडी के प्रवक्ता न्यान विन ने पार्टी के इस फ़ैसले की जानकारी दी है.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक़ एनएलडी के प्रवक्ता न्यान विन ने कहा, "पार्टी की समिति के सदस्यों ने वोट डाल कर ये फ़ैसला किया है कि देश में अनुचित चुनावी क़ानून के कारण पार्टी अपने को पंजीकृत नहीं करवाएगी."
बर्मा के सैन्य प्रशासन ने हाल ही में चुनाव क़ानूनों की घोषणा की थी.
नए चुनाव क़ानून के मुताबिक एनएलडी को चुनावों में हिस्सा लेने के लिए अपनी नेता आंग सांग सू ची को पार्टी से निकालना पड़ेगा क्योंकि उनका आपराधिक रिकॉर्ड है.
नए चुनाव क़ानून के अंतर्गत कोई भी राजनीतिक बंदी चुनावों में हिस्सा नहीं ले सकता.
बर्मा में पिछले दो दशक में हो रहे पहले चुनाव की तारीख़ अभी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन सैन्य प्रशासन ने इस साल चुनाव करवाने का वादा किया है.
सू ची पहले ये कह चुकी हैं कि वे चुनावों में हिस्सा लेने के हक़ में नहीं हैं लेकिन उनका कहना था कि पार्टी को ख़ुद इस बारे में फ़ैसला लेना चाहिए.
न्यान विन ने पार्टी के चुनाव में हिस्सा न लेने के फ़ैसले की अब पुष्टि कर दी है.
बर्मा की सैनिक सरकार ने इसी महीने के आरंभ में चुनाव क़ानून पारित किए थे जिससे इस साल चुनाव कराने का रास्ता साफ़ हो गया है.
लेकिन बर्मा के सैन्य प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया था कि सू ची इन चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगी.
वर्ष 1990 में अंतिम आम चुनाव हुआ था जिसमें सू ची की नेशनल लीग फ़ॉर डैमोक्रेसी पार्टी को भारी विजय हासिल हुई थी लेकिन बर्मा की सैनिक सरकार ने चुनाव परिणाम रद्द कर दिए थे.
सू ची पिछले दो दशकों से नज़रबंद हैं और पिछले साल अगस्त में ये अवधि नवंबर 2010 तक बढ़ा दी गई थी.
इससे सेना ने यह सुनिश्चित कर लिया कि सू ची किसी और उम्मीदवार के लिए भी अभियान नहीं कर सकेंगी.












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