लंदन में भटका बच्चा अंतत: अपने माता-पिता के परिवार में पहुंचा
परमिंदर सिंह बारियाना
दासुया (पंजाब), 29 मार्च (आईएएनएस)। वर्ष 2008 में लंदन के साउथाल इलाके में स्थित एक दवाखाने के बाहर पाया गया एक सिख बच्चा एक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद पंजाब के होशियारपुर जिले में स्थित अपने माता-पिता के परिवार में वापस पहुंच गया है।
गुरिंदरजीत सिंह (13) ने कहा कि वह अपने ताऊ के पास पहुंच कर बहुत खुश है और उनके साथ अपने गांव में रहेगा।
वरिष्ठ न्यायाधीश राकेश कुमार ने सोमवार को एक सुनवाई के बाद बच्चे की अंतरिम जिम्मेदारी उसके ताऊ कुलदीप सिंह को दे दी। बच्चा रविवार को लंदन से नई दिल्ली लाया गया था।
सूत्रों के अनुसार बच्चे के माता-पिता यहां से अवैध तरीके से विदेश चले गए थे। उनके इटली या ब्रिटेन में होने की संभावना है। उन्होंने इसलिए बच्चे पर दावा नहीं किया, क्योंकि उन्हें डर था कि अवैध आव्रजन के कारण उन्हें वहां से स्वदेश वापस भेज दिया जाता।
बच्चा लंदन कैसे पहुंचा, इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। वह केवल पंजाबी बोल सकता था। लंदन में उसके मामले की जांच से इस बात का खुलासा हुआ कि उसकी मां फ्रांस से अवैध तरीके से ब्रिटेन आई थी और उसी दौरान वह अपनी मां से बिछुड़ गया। वह उस समय 11 साल का था।
लेकिन जब लंदन और भारत के अधिकारियों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर बच्चे की मदद करने की कोशिश शुरू की तो भारत में नई पारिवारिक समस्या उठ खड़ी हुई।
पिछले वर्ष लंदन की एक अदालत ने आदेश दिया था कि बच्चे को उसके माता-पिता के परिवार में भेज दिया जाए, क्योंकि उसका डीएनए नमूना उसके ताऊ से मेल खाता है। लेकिन बच्चे के ननिहाल की ओर से उस पर अधिकार के लिए दावा कर दिया गया।
बच्चे के नाना-नानी मोहिंदर सिंह और गुरबचन सिंह कौर ने आईएएनएस को बताया, "बच्चे को हम अपने अधिकार में चाहते हैं। हमने उसके पिता को विदेश भेजने के लिए धन खर्च किया है। हमारी बेटी भी लापता है। बच्चे की बहन भी हमारे साथ रहती है। हम बच्चे को अपने साथ लाने के लिए कानूनी मदद लेंगे।"
बच्चे की बहन नवजीत कौर सोमवार को अपने भाई से खासतौर से मिलने के लिए अदालत पहुंची थी। गुरिंदरजीत द्वारा अपने नाना-नानी के बदले अपने ताऊ के साथ जाने का निर्णय लिए जाने से वह थोड़ा निराश दिखाई दे रही थी।
गुरिंदरजीत ने आईएएनएस से कहा, "मुझे अपनी बहन से मिल कर खुशी हुई लेकिन मैंने उससे कहा कि मैं अपने ताऊ के साथ रहूंगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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