नलिनी की रिहाई की याचिका खारिज
जेल सलाहकार बोर्ड के फैसले का हवाला देते हुए सरकार ने मद्रास उच्च न्यायालय में अपना निर्णय प्रस्तुत किया।
श्रीपेरंबुदूर में एक चुनाव सभा के दौरान राजीव गांधी की हत्या करने वाली नलिनी और अन्य अभियुक्तों की रिहाई के मामले का कांग्रेसी नेताओं ने विरोध किया था।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने कहा था कि नलिनी की याचिका पर राज्य सरकार केंद्र से विचार-विमर्श करेगी।
नलिनी को पहले सजा-ए-मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद इसे उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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