कांगो में बाग़ियों ने बरपाया क़हर
बीबीसी
की विशेष जाँच में पाया गया कि पिछले वर्ष दिसंबर में अफ़्रीकी देश कांगो गणराज्य में कम से कम 321 लोगों की हत्या कर दी गई थी. हत्या करने वाले लॉर्ड्स रेसिसटेंड आर्मी के सदस्य थे. संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का कहना है कि इस जनसंहार के गवाह इस बारे में बात करने से घबराते हैं. id="toptextpromo">लॉर्ड्स
रेसिसटेंड आर्मी नामक ये बाग़ी गुट 23 वर्ष पहले यूगांडा में बना था जो अब उत्तरी कांगो और दक्षिणी सूडान सहित अफ़्रीका के कई देशों में सक्रिय है. बीबीसी संवाददाता ने कांगो का दौरा करने के बाद बताया कि सेना की वर्दी पहने लॉर्ड्स रेसिसटेंट आर्मी के बाग़ियों ने 13 दिसंबर को उत्तर पूर्वी कांगो में एक नदी को पार किया और अगले पाँच दिनों तक अनेक गाँवों पर हमला किया. id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उन्होंने
घरों को लूटा, बच्चों को बांधकर जंगल में ले जाया गया, महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और कइयों की जान ले ली. इसकी ख़बर देने वाली संस्था ह्यूमन राइट्स वाच ने कहा है कि अब बहुत ज़रूरी है कि संयुक्त राष्ट्र उत्तरी कांगो में और अधिक सेना तैनात करे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जनसंहार की ख़बरों से संयुक्त राष्ट्र की कांगो में भूमिका और भविष्य में शांति सैनिकों की तैनाती पर भी बहस छिड़ेगी. कांगो की सरकार संयुक्त राष्ट्र पर शांति सैनिकों की वापसी के लिए दबाव बना रही है. ग़ौरतलब है कि कांगों के उत्तरी हिस्से में 22 हज़ार शांति सैनिक तैनात हैं.











Click it and Unblock the Notifications