पाक वायु सेना के सुरक्षा सिद्धांत में परिवर्तन (लीड-1)
एयर चीफ मार्शल राव कमर सुलेमान ने इस्लामाबाद स्थित वायु सेना मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "घरेलू आतंकवाद द्वारा पैदा हुए खतरे के कारण सुरक्षा की अवधारणा बदल गई है।"
पारंपरिक रूप से पाकिस्तान की सामरिक रणनीति भारत के मद्देनजर तैयार की जाती रही है, जिसके साथ उसने अब तक तीन युद्ध लड़े हैं। लेकिन इस्लामी विद्रोहियों द्वारा पैदा किए गए स्थानीय खतरे ने नीति में बदलाव करने के लिए मजबूर कर दिया है। अब राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकार आतंकियों के तिकड़मों से निपटने के लिहाज से रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
अमेरिका भी 14 अतिरिक्त एफ-16 लड़ाकू विमानों को पाकिस्तान को देने के लिए सहमत हो गया है।
सुलेमान ने कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) किसी भी तरह के आंतरिक और बाहरी खतरों से निपटने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि वायुसेना का अभ्यास 10 मई तक जारी रहेगा। ऑनलाइन न्यूज एजेंसी के मुताबिक वायुसेना प्रमुख ने कहा, "इसका एकमात्र उद्देश्य देश की सुरक्षा सुनिश्चित कराना है।"
सुलेमान ने कहा कि 18 लड़ाकू विमानों के तय सौदे के अतिरिक्त अमेरिका 14 और एफ-16 लड़ाकू विमानों को देने के लिए सहमत हो गया है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान, अमेरिका के साथ एक संयुक्त युद्धाभ्यास में भी भाग लेगा। उन्होंने कहा कि वायुसेना ने अमेरिका से मानवरहित लड़ाकू विमान 'ड्रोन' के लिए नहीं कहा है और वह खुद ही यह तकनीक विकसित करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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