बुंदेलखंड में टीबी के 8,000 मरीज, 115 की मौत
पिछले कई सालों से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड में टीबी रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यहां पत्थर तोड़ने का धंधा इस बीमारी को और बढ़ावा दे रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल बांदा में 2049, चित्रकूट में 1424, महोबा में 855, हमीरपुर में 1665 और जालौन में 2764 मरीज टीबी की चपेट में हैं।
पिछले साल इन जिलों में टीबी के शिकार लोगों की संख्या क्रमश: 2589, 1518, 785, 1527 और 2853 थी। इनमें 115 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 110 बांदा जिले के रहने वाले थे।
जिला क्षय रोग चिकित्सालय बांदा के प्रभारी डॉ. राकेश बाबू ने बताया कि टीबी की रोकथाम के लिए बांदा में 419, चित्रकूट में 186, महोबा में 233, हमीरपुर में 928 और जालौन में 310 विशेष केंद्र (डॉट्स सेंटर) हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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