पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद के लिए भारत का विरोध किया : थरूर
इसके साथ ही भारत ने अपने पड़ोस में स्थित कमजोर या पतनशील राज्यों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने यहां कहा, "यह कुछ इस तरह का मामला है, जिसके बारे में भारत स्पष्ट रूप से बहुत शिद्दत से महसूस करता है। सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी, दोनों श्रेणियों में विस्तार की आवश्यकता है।"
थरूर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के विस्तार का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, "यह अक्सर एक शोभा का मंच या घोषणा करने वाला मंच बन गया है। जबकि इसे एक विधायी इकाई के रूप में काम करना चाहिए जो संयुक्त राष्ट्र संगठन की कार्रवाई का संचालन करता है।"
थरूर 'बहुध्रुवीय दुनिया में भारत का स्थान' विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में बोल रहे थे। यह संगोष्ठी अल्फ्रेड हेर्राउजेन सोसायटी, पॉलिसी नेटवर्क, लंदन और वैश्विक मामलों के भारतीय परिषद (आईसीडब्ल्यूए) की ओर से आयोजित की गई थी।
संयुक्त राष्ट्र के सुधार के लिए एक नई पहल का आह्वान करते हुए थरूर ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुधार एक ऐसे रोग की तरह है, जहां सभी चिकित्सक रोगी के पास इकट्ठा हो जाते हैं। वे सभी निदान पर तो सहमत हैं, लेकिन इलाज पर सहमत नहीं हो सकते।"
थरूर ने कहा, "यहां हमारे पड़ोस में एक ऐसा पड़ोसी है, जिसने उस हर प्रस्ताव का सख्त विरोध किया है, जिसमें हमें स्थायी सदस्य बनाए जाने की बात कही गई। और हम जानते हैं कि जापान के साथ भी उसके पूर्वी एशियाई पड़ोसियों से इसी तरह की समस्या है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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