'खतरा उठाने के मामले में किशोर सबसे आगे'
हाल ही में किए गए एक अध्ययन में नौ से 35 वर्ष की आयुवर्ग वाले बच्चों, किशोरों और वयस्कों से कंप्यूटर गेम में खतरनाक और सुरक्षित विकल्पों के चुनाव के लिए कहा गया।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के वैज्ञानिकों ने पाया कि अन्य आयु वर्ग वालों की तुलना में किशोरों ने ज्यादा खतरनाक विकल्पों को चुना। ऐसा करने वाले ज्यादातर किशोर 14 साल के थे।
यूसीएल के संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक स्टीफन बर्नेट कहती हैं कि इस विषय पर प्रयोगशाला में होने वाला यह पहला अध्ययन है। किशोर नशीली दवाओं के सेवन और असुरक्षित यौन संबंध जैसे खतरे क्यों उठाते हैं? यह जानने की दिशा में हमने एक कदम आगे बढ़ाया है।
अध्ययन में 86 बच्चों और वयस्कों से कंप्यूटर गेम खेलने को कहा गया। प्रत्येक खेल के बाद वैज्ञानिकों ने सभी प्रतिभागियों की भावनात्मक प्रतिक्रिया मापी। यह प्रतिक्रिया परिणाम के कारण संतुष्टि या असंतुष्टि पर आधारित थी।
अध्ययन में पता चला कि खतरनाक विकल्प वाले खेल में जीतने के बाद सबसे ज्यादा खुशी किशोरों को हुई। यह उनके खतरा लेने की प्रवृत्ति को समझने में मदद करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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