मेट्रो की 'मॉक ड्रिल' ने यात्रियों को किया परेशान
नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। राजधानी में मेट्रो स्टेशनों पर आतंकवादी हमलों से निपटने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) द्वारा शुक्रवार को आयोजित 'मॉक ड्रिल' (पूर्वाभ्यास) ने यात्रियों को खूब परेशान किया।
डीएमआरसी के प्रवक्ता के मुताबिक दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे द्वारका-नोएडा सिटी सेंटर लाइन पर स्थित राजौरी गार्डन और मंडी हाउस तथा शाहदरा लाइन पर स्थित नेताजी सुभाष प्लेस और दिलशाद गार्डन स्टेशनों पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।
कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के पूर्वाभ्यास की वजह से 15 से 20 मिनट तक मेट्रो सेवाएं पूरी तरह ठप्प रहीं। अभ्यास चुनिंदा चार स्टेशनों पर हो रहा था लेकिन इस वजह से सभी तीन लाइनों पर स्थित दूसरे स्टेशनों पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति सामान्य होने में लगभग 40 मिनट लग गए।
डीएमआरसी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस पूर्वाभ्यास की जानकारी गुरुवार को ही दे दी थी लेकिन इसके बावजूद इस प्रक्रिया में शामिल तीनों एजेंसियों की तैयारियों में कमी देखी गई। चार स्टेशनों को छोड़कर बाकी स्टेशनों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को बस इस बात की जानकारी थी कि कहीं 'मॉक ड्रिल' चल रही है लेकिन इस संबंध में उन स्टेशनों पर कोई विधिवत तैयारी नहीं देखी गई।
इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर दोपहर 11.30 बजे पहुंची दोनों गाड़ियों को खाली करा दिया गया। इन गाड़ियों में सफर कर रहे यात्री परेशान थे। हालात को समझने का प्रयास करते हुए वे स्टेशन से बाहर आते देखे गए। मेट्रो प्रशासन ने बाहर जाने के रास्ते को पूरी तरह खोल दिया था। यात्री स्टेशन से बाहर निकल गए लेकिन वे परिसर से बाहर जाने को तैयार नहीं थे।
इस कारण इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर बने लोहे के पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई। इंद्रप्रस्थ की ओर से आने वाले यात्रियों के कारण यह भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही थी।
जिन यात्रियों के पास मेट्रो का स्मार्ट कार्ड था, वे यह समझ रहे थे कि सेवा बहाल होने के बाद वे आसानी से प्लेटफार्म पर पहुंच सकेंगे लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनके कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। जिन लोगों ने टोकन ले रखा था, उन्हें टोकन वापस करने और उसके बदले पैसे लेने को कहा गया।
इस प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट लगे और इसी दौरान सेवा बहाल कर दी गई। अब यात्री टोकन लेने के लिए कतार में लग गए, जिससे स्टेशन परिसर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
आईएएनएस ने जब इस संबंध में डीएमआरसी के प्रमुख जनसंचार अधिकारी अनुज दयाल से बात की तो उनका कहना था कि यह सब इसलिए किया गया ताकि 'मॉक ड्रिल ' में शामिल चार स्टेशनों के अलावा दूसरे स्टेशनों पर हालात काबू में रहें।
बहरहाल, डीएमआरसी का कहना है कि इस पूर्वाभ्यास का मुख्य मकसद दिल्ली मेट्रो कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैयारियों का जायजा लेना है। पूर्वाभ्यास के दौरान पुलिस, अग्निशमन दल और मेट्रो कर्मचारियों के बीच आपसी तालमेल की भी जांच की गई।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में मेट्रो स्टेशनों पर 15 बार सुरक्षा अभ्यास का आयोजन किया गया था। इसमें आतंकवादी हमलों, ट्रेनों और स्टेशनों को खाली कराने के साथ ही आग लगने की स्थितियों से निपटने के तरीकों का अभ्यास किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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