न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं मोदी: गोहिल
गुजरात में वर्ष 2002 में हुए साम्प्रदायिक दंगे मामले में एसआईटी द्वारा समन जारी किए जाने के बारे में मोदी ने सोमवार को बयान जारी कर इसे झूठा करार दिया था। उन्होंने इस संबंध में देशवासियों को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित साजिश के तहत खबरें फैलाई गई कि एसआईटी ने उन्हें समन जारी किया।
गोहिल ने मोदी के इस बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि जब समन संबंधी खबरें सामने आई थी तो राज्य के प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा, "अब समन की खबर को सुनियोजित करार देकर मोदी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।"
एसआईटी की ओर से मोदी को 11 मार्च को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया था कि वह 21 मार्च से शुरू हो रहे सप्ताह के दौरान गवाही के लिए एसआईटी के समक्ष उपस्थित हों।
मोदी को यह नोटिस तब जारी किया गया था जब वर्ष 2002 में गुजरात दंगे के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में अन्य लोगों के साथ मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की विधवा जकिया जाफरी ने इस मुद्दे को उठाया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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