भगवान बुद्ध की 90 फुट ऊंची प्रतिमा निर्माणाधीन
वाराणसी, 23 मार्च (आईएएनएस)। वाराणसी स्थित बौद्धों का विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सारनाथ जल्द ही भगवान बुद्ध की सबसे ऊंची प्रतिमा के लिए दुनियाभर में जाना जाएगा। यहां पर भगवान बुद्ध की 90 फुट प्रतिमा स्थापित की जा रही है।
यह प्रतिमा सारनाथ के थाई बौद्ध बिहार परिसर में स्थापित की जा रही है। इस प्रतिमा का निर्माण कार्य थाइलैंड की मृगदाय वन महाविहार सोसायटी नाम की ट्रस्ट कर रही है।
मृगदाय वन महाविहार सोसायटी के सचिव धर्म रश्मि ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रतिमा का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में चल रहा है। करीब 80 फीसदी कार्य पूरा गया है। यह प्रतिमा उम्मीद है कि इसी साल के आखिर तक तैयार हो जाएगी।
रश्मि ने कहा कि इस प्रतिमा को बनाने में चुनार के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। पत्थर के टुकड़ों को तराश कर शरीर के तमाम अवयव बनाये गए हैं। प्रतिमा पूरी तरह ठोस बन रही है। इसका कोई हिस्सा खोखला नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि गंधार शैली में निर्मित यह मूर्ति खिलते कमल पर रखी हुई दिखाई जाएगी, जो इस बात का प्रतीक होगी कि दुनिया को प्रेम और शांति का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की यह यात्रा अब भी निरंतर बढ़ रही है।
ट्रस्ट के अधिकारियों के मुताबिक आठ साल पहले अफगानिस्तान के बामियान में तालिबान द्वारा गिराई गई भगवान बुद्ध की विशाल प्रतिमा की याद में सारनाथ में यह सबसे ऊंची मूर्ति स्थापित की जा रही है।
रश्मि ने कहा कि बामियान में विध्वंस कर दी गई बुद्ध की प्रतिमा की याद में हमारी सोसायटी ने विश्वप्रसिद्ध बौद्ध स्थल सारनाथ में उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रतिमा की स्थापना पर करीब ढाई करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसे सोसायटी ने दुनियाभर में बौद्ध उपासकों से चंदा लेकर एकत्र किया है।
भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद सारनाथ में अपने पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था। सारनाथ में थाइलैंड, बर्मा, चीन, जापान, श्रीलंका समेत कई देशों के बौद्ध विहार हैं जहां बुद्ध की भव्य प्रतिमाएं स्थापित हैं।
सारनाथ में हजारों की संख्या में प्रतिदिन दुनियाभर से बौद्ध पर्यटक आते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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